*_*_*MASLAKE AALAHAZRAT ZINDABAD SARKAR KHALIDE MILLAT ZINDABAD KHANDANE AALAHAZRAT ZINDABAD MUHAMMAD AAZAM RAZA KHALIDI AZHARI*_*_*_*🥀ईद ए मिलाद मनाना हक़ हैं*
*🌈 निसार तेरी चहल पहल पर हज़ार इदे रबी उल अव्वल*
*सिवा ए इबलीस के जहाँ मे सभी तो खुशिया मना रहे है.*
*फरमाने खुदा* *📖(सुरे युनुस आयत 58)*
*📕अल्लाह ही के फ़ज़ल और उसी की रहमत और*
*उसी पर चाहिए की खुशी करे*
*📖(सुरे अंबिया आयत 107)*
*📕ए हबीब हमने तुमको सारे आलम की रहमत बना कर भेजा *📖(सुरे वददूहा आयत 11)*
*📕अपने रब की नेमतों का खूब खूब चर्चा करो*
*📖(सुरे माएद आयत 114)*
*📕कहा ईसा इबने ए मरियम ने: ए अल्लाह ए हमारे रब हम पर* *आसमान से एक कुआँ उतार के *वो (कुआँ उतरने का दिन)*
*हमारे लिए ईद हो, हमारे अग्लों और पिछलों की.*
*📖सुरे “वरा फ़ाना लका ज़िकरक”*
*📕हमने नबी का ज़िक्र बुलंद कर दिया*
*📖(सुरे इब्राहिम सफ़ा 6)*
*📕ए मूसा, याद दिलाओ उनको अल्लाह के दिनो की.*
*📖(सुरे आहज़ाब 6 )*
*📕ये नबी (हमारे) मुसलमानों का उनकी जान से ज़्यादा मालिक है और उनकी बीवियाँ उनकी माए है.*
*📖(सुरे अल-इमरान, आयत 164)*
*📕हमने मोमिनो पर एह्सान किया,की जब उनमे अपने रसूल सल्लाहो आलैहे वसल्लम को भेज दिया*
*📖(सुरे इब्राहिम: 7 )*
*📕और याद करो जब तुम्हारे रब ने सुना दिया के अगर एहसान मानोगे तो मे तुम्हे और दूँगा, और ना-शुक्रि करो तो मेरा*
*अज़ाब सख़्त है. 📖[सुरे बक़रा आयत 154 ]*
*📕और जो खुदा की राह मे मारे जाए उन्हे मुर्दा ना कहो बलके वो ज़िन्दा हैं , हाँ तुम्हे खबर नही.*
*📖ईज़ा ज़ुकीरतु ज़ुकीरता मई.*
*📕ए महबूब जहा जहा मेरा ज़िक्र होगा वाहा तेरा ज़िक्र होगा.*
*[ क़ूर'आन 33:56 ]*
*📕अल्लाह और उसके फरिश्ते सरकार पर दरूद भेजते हैं मोमिनो तुम भी इन पर दरूद भेजो और खूब सलाम भेजा करो*
*📖(सुरे तौबा 168)*
*📕"बिल मोमिनिना राउफ़ूर रही.मेरा मुस्तफा मेरे बन्दो पर राउफूररहीम हैं*
*📖(सुरे निसा:65 )*
*📕तो ए महबूब (सल्लाहो आलैहे वसल्लम) तुम्हारे रब की कसम ! वो मुसलमान ना होंगे जब तक अपने आपस के झगड़े मे तुम्हे हाक़िम ना बनाए*
*📖(सुरे हुजुरात (परा-26, रुकु-13) : आयात 2 )*
*📕ए ईमान वालो, अपनी आवाज़ें उँची ना करो उस गैब बतानेवाले(नबी) की आवाज़ से और उनके हुज़ूर बात चिल्लाकर ना कहो जैसे आपस मे एक दूसरे के सामने चिल्लाते हो के कही तुम्हारे अमल अकारत ना हो जाएँ और तुम्हे खबर ना हो.*
*📕क़ुरआन शरीफ की इन आयतो को समझे तो पता चला की अल्लाह ने अपने नूर को बशरी लिबास मे सारे आलम के लिए रहमत बना कर भेजा. मोमिनो पर अहसान किया (वरना ये उम्मत भी हलाक कर दी जाती अपने गुनाहो की वजह से जैसे पिछली उम्मते कर दी गई). अल्लाह ने अपने हबीब का ज़िक्र बुलंद किया और दारूद ओ सलाम के ज़रिए किया. हम बन्दो को चाहिए की अल्लाह की इता'अत करे और नबी का ज़िक्र ख़ुशी से करे. पानी का कुआँ आसमान से उतरने पर हज़रते मूसा के अग्लो और पिछलो की ईद हुई, तो नबी के आमद पर ईद क्यू*
*नही ?*
*विलादत ए आदम पर “ईद ए ज़ूमा” है तो विलादत ए मुस्तफ़ा पर ईद ए मीलाद क्यू नही ?लफ़ज़े “मुहम्मद” के माना.*
*📕वो हस्ती जिसकी बहोत ज़्यादा तारीफ की जाए.*
*📕या अल्लाह तू बेहतर जानता हैं तेरा कौल हक़ है. आज लोग नबी के ज़िक्र को कम करने की हज़ारो कोशिश करते हैं, लेकिन बस नबी का नाम ले लिया तो उनकी तारीफ़ बयान हो गई... सुबहन अल्लाह*
*📕नबी का फर्श पर नाम मुहम्मद और अर्श का नाम अहमद*
*📕दोनो नामो का पहला हर्फ निकाल दो तो एक ही माना होता हैं "हम्द" (अल्लाह की इबादत)*
*🥀मिलाद का सबूत हदीसो से*
*📕हुज़ूर के ज़माने मे मस्जिद-ए-नब्वी मे मिलाद हुई इसमे खुद हुज़ूर सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने*
*📕अपनी विलादत के फ़ज़ाएल बयान किए.*
*📚(तीरमिज़ी शरीफ, जिल्द 2*सफ़ा 201)*
*📕खुद नबी-ए-पाक सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने अपने मिलाद पर अल्लाह का शुक्र बजा लाने की तलकीन फरमाई और तरगीब दी*
*📚(मुस्लिम शरीफ, जिल्द - 2, सफ़ा 819)*
*📚(नीसाई शरीफ, जिल्द -2 सफ़ा–147)*
*📚(बैहक़ि शरीफ, जिल्द - 4,सफ़ा – 286)*
*📕हज़रत अबू क़तादा ऱदिआल्लह अनहू से रिवायत है रसूल-ए-करीम सल्लाहो आलैहे वसल्लम से पिर का रोज़ा रखने के बारे मे सवाल किया गया तो आप सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने फरमाया क इसी दिन मेरी विलादत हुई और इसी दिन मुझ पर क़ुरान नज़िल हुआ"*
*📚(सही मुस्लिम जिल्द 2 हदीस819 सफ़ा 1162)*
*📚(नसई अल सुनने कुबरा जिल्द 2 हदीस 146 सफ़ा 2777)*
*📕अल्लाह को पसंद हैं जो बन्दो को नेमत मिले उसका इज़हार करो.*
*📚(तीरमिज़ी शरीफ 2819*
*हदीस ए हसन)*
*📕पीर के रोज अबू लहब के उंगली से पानी निकलता है जो उसे सुकून पहोचाता है जहन्नम की तकलीफ़ से.*
*📕वजह ??*
*नबी के विलादत की खबर सुनाने के सबब उसने अपनी लोंड़ी शोएबा को उंगली के इशारे से आज़ाद किया था.*
*📚(सही बुखारी, बाब 1 सफ़ा*153 हदीस 5101)*
*📕मो’अमीनो के लिए अल्लाह ने जुमा को ईद बना दिया ??*
*📕नबी ने फरमाया अल्लाह ने जुमा को हज़रते आदम अलैहिस्सलाम को पैदा किया,इसी दिन ज़मीन पर उन्हे उतरा और इसी दिन उन्हे वफात दी.*
*📚[सुनन इबने माज़ा, जिल्द 2,सफ़ा 8, हदीस 1084]*
*📕मिलाद (विलादत का अरबी माना) को ईद ए मिलाद कहने का सबूत*
*📕ईद का अरबी माना खुशी का हैं 📖(सुरे माएद आयत 114)*
*📕जिस दिन अल्लाह की खास ऱहेमत नाज़िल हो उस दिन को ईद मनाना और खुशी मनाना अल्लाह का शुक्र अदा करना अंबिया का तरीका है*
*📕जब आका सल्लाहो आलैहे वसल्लम हिजरत कर के मदीना शरीफ आए तो लोगों ने खूब ज़शन मनाया*
*📕नोजवान लड़के अपनी छतो पर चढ़कर और गुलाम, खुद्दाम रास्तो मे फिरते थे और नारा ए रिसालत लगते और कहते या रसूल अल्लाह.*
*📚(सही मुस्लिम जिल्द 2 सफ़ा* 419)*
*📕हुज़ूर सल्लाहो आलैहे वसल्लम हज़रत हस्सान रज़ी अल्लाह अनहो के लिए मस्जिद ए नबवी शरीफ मे मिमबर रखते और हज़रत हस्सान उस पर खड़े हो कर हुज़ूर की शान ए अक़्दस मे नातिअ आशार पढ़ते थे ओर हुज़ूर फरमाते: जब तक हस्सान मेरे बारे मे नातिअ ओर फखरिया आशार पढ़ता रहेगा तो बेशक अल्लाह ताला रूहुल अक़्दस (हज़रत जिबराईल अलेह्सलाम) के ज़रिए हस्सान की मदद फरमाता है*
*📚(सुनन अबू दाऊद, किताब उल अदब, बाब मा जौ फ़ि'शर, जिल्द 5 पेज 176 हॅडाइत नो 5015) 📚(सुनन तीरमिज़ी, किताब उल* *अदब,बाब मा जौ फ़ि इंशाद'शर, जिल्द 3 पेज 562,561 हदीस नो 2846)*
*_*_*_*_*_*ROOHANI ILAJ K JUMLA MASAIL K LIYE MILE HAR JUMERAT SUBAH 11 SE SHAM MAGRIB TAK AUR HAR ROZ SUBAH FAJAR SE SUBAH 8 BAJE TAK ROOHANI ILAJ K SPECIALIST SAGE GAUSULWARA MUHAMMED AAZAM RAZA KHALIDI AZHARI KHALIFA MUSHARRAFE MILLAT SAKIN MARKAZE AHLE SUNNAT SHEHRE AALAHAZRAT BAREILLY SHARIF UP 25 INDIA MOBILE'S📲9808211314📲📲8979528433📲*_*_*_*_
*🌈 निसार तेरी चहल पहल पर हज़ार इदे रबी उल अव्वल*
*सिवा ए इबलीस के जहाँ मे सभी तो खुशिया मना रहे है.*
*फरमाने खुदा* *📖(सुरे युनुस आयत 58)*
*📕अल्लाह ही के फ़ज़ल और उसी की रहमत और*
*उसी पर चाहिए की खुशी करे*
*📖(सुरे अंबिया आयत 107)*
*📕ए हबीब हमने तुमको सारे आलम की रहमत बना कर भेजा *📖(सुरे वददूहा आयत 11)*
*📕अपने रब की नेमतों का खूब खूब चर्चा करो*
*📖(सुरे माएद आयत 114)*
*📕कहा ईसा इबने ए मरियम ने: ए अल्लाह ए हमारे रब हम पर* *आसमान से एक कुआँ उतार के *वो (कुआँ उतरने का दिन)*
*हमारे लिए ईद हो, हमारे अग्लों और पिछलों की.*
*📖सुरे “वरा फ़ाना लका ज़िकरक”*
*📕हमने नबी का ज़िक्र बुलंद कर दिया*
*📖(सुरे इब्राहिम सफ़ा 6)*
*📕ए मूसा, याद दिलाओ उनको अल्लाह के दिनो की.*
*📖(सुरे आहज़ाब 6 )*
*📕ये नबी (हमारे) मुसलमानों का उनकी जान से ज़्यादा मालिक है और उनकी बीवियाँ उनकी माए है.*
*📖(सुरे अल-इमरान, आयत 164)*
*📕हमने मोमिनो पर एह्सान किया,की जब उनमे अपने रसूल सल्लाहो आलैहे वसल्लम को भेज दिया*
*📖(सुरे इब्राहिम: 7 )*
*📕और याद करो जब तुम्हारे रब ने सुना दिया के अगर एहसान मानोगे तो मे तुम्हे और दूँगा, और ना-शुक्रि करो तो मेरा*
*अज़ाब सख़्त है. 📖[सुरे बक़रा आयत 154 ]*
*📕और जो खुदा की राह मे मारे जाए उन्हे मुर्दा ना कहो बलके वो ज़िन्दा हैं , हाँ तुम्हे खबर नही.*
*📖ईज़ा ज़ुकीरतु ज़ुकीरता मई.*
*📕ए महबूब जहा जहा मेरा ज़िक्र होगा वाहा तेरा ज़िक्र होगा.*
*[ क़ूर'आन 33:56 ]*
*📕अल्लाह और उसके फरिश्ते सरकार पर दरूद भेजते हैं मोमिनो तुम भी इन पर दरूद भेजो और खूब सलाम भेजा करो*
*📖(सुरे तौबा 168)*
*📕"बिल मोमिनिना राउफ़ूर रही.मेरा मुस्तफा मेरे बन्दो पर राउफूररहीम हैं*
*📖(सुरे निसा:65 )*
*📕तो ए महबूब (सल्लाहो आलैहे वसल्लम) तुम्हारे रब की कसम ! वो मुसलमान ना होंगे जब तक अपने आपस के झगड़े मे तुम्हे हाक़िम ना बनाए*
*📖(सुरे हुजुरात (परा-26, रुकु-13) : आयात 2 )*
*📕ए ईमान वालो, अपनी आवाज़ें उँची ना करो उस गैब बतानेवाले(नबी) की आवाज़ से और उनके हुज़ूर बात चिल्लाकर ना कहो जैसे आपस मे एक दूसरे के सामने चिल्लाते हो के कही तुम्हारे अमल अकारत ना हो जाएँ और तुम्हे खबर ना हो.*
*📕क़ुरआन शरीफ की इन आयतो को समझे तो पता चला की अल्लाह ने अपने नूर को बशरी लिबास मे सारे आलम के लिए रहमत बना कर भेजा. मोमिनो पर अहसान किया (वरना ये उम्मत भी हलाक कर दी जाती अपने गुनाहो की वजह से जैसे पिछली उम्मते कर दी गई). अल्लाह ने अपने हबीब का ज़िक्र बुलंद किया और दारूद ओ सलाम के ज़रिए किया. हम बन्दो को चाहिए की अल्लाह की इता'अत करे और नबी का ज़िक्र ख़ुशी से करे. पानी का कुआँ आसमान से उतरने पर हज़रते मूसा के अग्लो और पिछलो की ईद हुई, तो नबी के आमद पर ईद क्यू*
*नही ?*
*विलादत ए आदम पर “ईद ए ज़ूमा” है तो विलादत ए मुस्तफ़ा पर ईद ए मीलाद क्यू नही ?लफ़ज़े “मुहम्मद” के माना.*
*📕वो हस्ती जिसकी बहोत ज़्यादा तारीफ की जाए.*
*📕या अल्लाह तू बेहतर जानता हैं तेरा कौल हक़ है. आज लोग नबी के ज़िक्र को कम करने की हज़ारो कोशिश करते हैं, लेकिन बस नबी का नाम ले लिया तो उनकी तारीफ़ बयान हो गई... सुबहन अल्लाह*
*📕नबी का फर्श पर नाम मुहम्मद और अर्श का नाम अहमद*
*📕दोनो नामो का पहला हर्फ निकाल दो तो एक ही माना होता हैं "हम्द" (अल्लाह की इबादत)*
*🥀मिलाद का सबूत हदीसो से*
*📕हुज़ूर के ज़माने मे मस्जिद-ए-नब्वी मे मिलाद हुई इसमे खुद हुज़ूर सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने*
*📕अपनी विलादत के फ़ज़ाएल बयान किए.*
*📚(तीरमिज़ी शरीफ, जिल्द 2*सफ़ा 201)*
*📕खुद नबी-ए-पाक सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने अपने मिलाद पर अल्लाह का शुक्र बजा लाने की तलकीन फरमाई और तरगीब दी*
*📚(मुस्लिम शरीफ, जिल्द - 2, सफ़ा 819)*
*📚(नीसाई शरीफ, जिल्द -2 सफ़ा–147)*
*📚(बैहक़ि शरीफ, जिल्द - 4,सफ़ा – 286)*
*📕हज़रत अबू क़तादा ऱदिआल्लह अनहू से रिवायत है रसूल-ए-करीम सल्लाहो आलैहे वसल्लम से पिर का रोज़ा रखने के बारे मे सवाल किया गया तो आप सल्लाहो आलैहे वसल्लम ने फरमाया क इसी दिन मेरी विलादत हुई और इसी दिन मुझ पर क़ुरान नज़िल हुआ"*
*📚(सही मुस्लिम जिल्द 2 हदीस819 सफ़ा 1162)*
*📚(नसई अल सुनने कुबरा जिल्द 2 हदीस 146 सफ़ा 2777)*
*📕अल्लाह को पसंद हैं जो बन्दो को नेमत मिले उसका इज़हार करो.*
*📚(तीरमिज़ी शरीफ 2819*
*हदीस ए हसन)*
*📕पीर के रोज अबू लहब के उंगली से पानी निकलता है जो उसे सुकून पहोचाता है जहन्नम की तकलीफ़ से.*
*📕वजह ??*
*नबी के विलादत की खबर सुनाने के सबब उसने अपनी लोंड़ी शोएबा को उंगली के इशारे से आज़ाद किया था.*
*📚(सही बुखारी, बाब 1 सफ़ा*153 हदीस 5101)*
*📕मो’अमीनो के लिए अल्लाह ने जुमा को ईद बना दिया ??*
*📕नबी ने फरमाया अल्लाह ने जुमा को हज़रते आदम अलैहिस्सलाम को पैदा किया,इसी दिन ज़मीन पर उन्हे उतरा और इसी दिन उन्हे वफात दी.*
*📚[सुनन इबने माज़ा, जिल्द 2,सफ़ा 8, हदीस 1084]*
*📕मिलाद (विलादत का अरबी माना) को ईद ए मिलाद कहने का सबूत*
*📕ईद का अरबी माना खुशी का हैं 📖(सुरे माएद आयत 114)*
*📕जिस दिन अल्लाह की खास ऱहेमत नाज़िल हो उस दिन को ईद मनाना और खुशी मनाना अल्लाह का शुक्र अदा करना अंबिया का तरीका है*
*📕जब आका सल्लाहो आलैहे वसल्लम हिजरत कर के मदीना शरीफ आए तो लोगों ने खूब ज़शन मनाया*
*📕नोजवान लड़के अपनी छतो पर चढ़कर और गुलाम, खुद्दाम रास्तो मे फिरते थे और नारा ए रिसालत लगते और कहते या रसूल अल्लाह.*
*📚(सही मुस्लिम जिल्द 2 सफ़ा* 419)*
*📕हुज़ूर सल्लाहो आलैहे वसल्लम हज़रत हस्सान रज़ी अल्लाह अनहो के लिए मस्जिद ए नबवी शरीफ मे मिमबर रखते और हज़रत हस्सान उस पर खड़े हो कर हुज़ूर की शान ए अक़्दस मे नातिअ आशार पढ़ते थे ओर हुज़ूर फरमाते: जब तक हस्सान मेरे बारे मे नातिअ ओर फखरिया आशार पढ़ता रहेगा तो बेशक अल्लाह ताला रूहुल अक़्दस (हज़रत जिबराईल अलेह्सलाम) के ज़रिए हस्सान की मदद फरमाता है*
*📚(सुनन अबू दाऊद, किताब उल अदब, बाब मा जौ फ़ि'शर, जिल्द 5 पेज 176 हॅडाइत नो 5015) 📚(सुनन तीरमिज़ी, किताब उल* *अदब,बाब मा जौ फ़ि इंशाद'शर, जिल्द 3 पेज 562,561 हदीस नो 2846)*
*_*_*_*_*_*ROOHANI ILAJ K JUMLA MASAIL K LIYE MILE HAR JUMERAT SUBAH 11 SE SHAM MAGRIB TAK AUR HAR ROZ SUBAH FAJAR SE SUBAH 8 BAJE TAK ROOHANI ILAJ K SPECIALIST SAGE GAUSULWARA MUHAMMED AAZAM RAZA KHALIDI AZHARI KHALIFA MUSHARRAFE MILLAT SAKIN MARKAZE AHLE SUNNAT SHEHRE AALAHAZRAT BAREILLY SHARIF UP 25 INDIA MOBILE'S📲9808211314📲📲8979528433📲*_*_*_*_
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